23 अप्रिअल पूरे विश्व में पुस्तक दिवस के नाम से प्रसिद्ध है! पुस्तक दिवस २३ अप्रिअल को ही मनाया जाता है, क्योकिं इसी दिन महान अंग्रेजी कथाकार विलियम शक्सपीयर का जन्म हुआ था ! उन्होंने दुनिया को ऐसी उत्कृष्ट रचनाये दीं जिन्हें पढ़कर आत्मिक अनुभूति के साथ साथ ज्ञानवर्धन भी होता है! उनकी रचनाओ मैं सचाई हर्ष, विषाद, परिश्रम, प्यार और न जाने कितनी मानवीय भावनाओ और मुल्यों का समावेश है! उनकी रचनाये सीमा, क़ाल, और सभ्यता से परे है!
पुस्तक हमारी सभ्यता की धरोहर होंती है! यें पुस्ताकें न जाने तमाम दुनिया के कितने बुद्धिमान लेखकों एव लेखिकाओं के विभिन विचारों एवं सजृन से तैयार होंती है! पुस्तके हमें जीवन की सीख देंती हैं!
पुस्तक दिवस के दिन गोष्ठियाँ और कायृशालाएँ आयोजित होती हैं जिनके द्वारा पुस्तक से संबन्धित ज्ञान और सूचनाओं की चर्चा की जाती हैं! पुस्तके हमारे जीवन रूपी घर की खिडकियाँ हैं ,जिनसे प्रकाश आकर हमें प्रकाशमय कर देंता हैं! यें पुस्तकें ही तू हैं जो काल्पनिक और साची घटनाओं एव कहानियो से गुजारती हैं और एक नई जीवन शैली की प्रेरणा देंती हैं पुस्तके हमें हंसाती हैं रुलाती हैं प्यार सिखाती हैं और बुदघि देंती हैं तू फिर हम सभी क्यूँ न संकल्प करे पुस्तकें पढने का ? २३ अप्रिअल के दिन आपने आत्मीय जानों को एक पुस्तक भेंटकर इस दिन की महत्वता को समझे और समझाए!